कुंभ राशि वाले माता लक्ष्मी के मंत्र का 108 बार जप करें, पिता की सलाह लें

कुंभ राशि वालों को शुक्रवार, 26 जनवरी को स्नान के बाद माता लक्ष्मी के मंदिर जरूर जाना चाहिए। माता को आज गुलाब का फूल चढ़ाएं और वहीं बैठकर ‘ॐ श्रीं श्रियै नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें। कोशिश करें कि कन्या को स्टेशनरी का सामान भेंट करें। भगवान विष्णु के सहस्रनाम का एक बार पाठ जरूर करें। अनावश्यक तनाव से उबरने की कोशिश करें, नहीं तो बड़ी बीमारी का शिकार हो जाएंगे। आज सुबह नहाने के बाद मंदिर जाकर माता लक्ष्मी को लाल गुलाब भेंट करें। किस्मत बदलनी शुरू हो जाएगी।

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पिता से टकराव न बढ़ाएं, उनकी सलाह लेकर काम करें

कुंभ राशि वालों का पिता या बड़े बुजुर्ग से मतभेद चल रहा है। इसे आज खत्म करने की कोशिश करें। इससे पैतृक संपत्ति का आपको लाभ होगा और मानसिक शांति मिलेगी। गुप्त शत्रु से सावधान रहें और शाम के बाद घर से बाहर न निकलें। धन की कमी नहीं है पर चोरी से बचाने की कोशिश करें।

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कुंभ राशि वाले चुनौतियों का सामना हौसले से करें तो अच्छे बीतेंगे दिन, हनुमानजी का स्मरण करें

कुंभ राशि के जातक जनवरी के तीसरे पखवाड़े में कुछ करेसान रह सकते हैं। खासकर सूर्य के उत्तरायण में अाने के बाद। इस समय चुनौती रहेगी अपना आत्मविश्वास बनाएं रखने की। धैर्य से परिस्थिति का सामना करेंगे तो विजयी होकर निकलेंगे। हनुमान जी का पूजन और हनुमान चालीसा का पाठ कल्याणकारी रहेगा।

 

काम जतन से ध्यान लगाकर करें

कुंभ राशि वाले आज कार्यस्थल पर समय पर जाएं और कोई भी काम करीने से पूरा करें। पत्नी को ऑफिस के हालात बता देंगे तो वह आपके साथ खड़ी होंगी। बाहर का कुछ न खाएं और पैसा की रक्षा करें।

हनुमानजी की पूजा करें, मंदिर जरूर जाएं 

कुंभ राशि के जातक हनुमानजी की पूजा जरूर कर लें। हनुमान चालीसा का पाठ मंदिर में जाकर कर लें। इससे आपको ताकत मिलेगी और कोई मददगार भी मिल जाएगा।

आंसू की वफा 

वो आंख से ढलका तो ज़रूर होगा तेरे जाने के बाद,
नाम आंसू है उसका हर दौर में वो ठहरेगा वफादार!

तमाम चेहरों को बेनकाब होते देखा है नामुराद ने,
छोटी मोटी बातों पर कैसे दिल तोड़ते हैं रसूखदार!

छुपा लेते तमाम हसरतें और अनगिनत गम हम भी,
इक हिचकी आयी औ बेजुबां कह गया दिल का हाल!

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#ihatetears#आंसू#midnightthougts#😢😔

धनु राशि वाले आज धीरज से काम लें और किसी विवाद में न पड़ें, गणेशजी की पूजा करें

धनु राशि वालों के लिए बुधवार का दिन बहुत अनुकूल नहीं है। इसलिए आज ऑफिस में बहुत धैर्य से काम लें। अपना काम समय से निपटाने की कोशिश करें और किसी सहयोगी के उकसावे में न आएं। विवाद से दूर रहेंगे तो गणेशजी आपकी मनोकामना शाम तक पूरी कर देंगे। इधर कुछ दिनों से आपकी जेब खाली होने से दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन ये सब बस कुछ ही दिनों की बात है। अगले महीने से बहुत कुछ अच्छा होने वाला है। जीवनसाथी आपके साथ चट्टान की तरह खड़ा है, ये कोई छोटी बात नहीं है। बस उसका कहा भी मान लिया करें तो बिगड़ते काम बनने लगेंगे।

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गणेशजी को दूर्वा भेंट करें, सूर्यदेव को नियमित जल चढ़ाएं

धनु राशि वालों को अगले 15 दिसंबर तक नियमित तौर पर सूर्यदेव को जल चढ़ाना चाहिए। इससे उनको ऊर्जा मिलेगी और कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकेगी। इस दौरान बुधवार को गणेशजी को दूर्वा भेंटकर गणेश चालीसा का पाठ करें और मंदिर जाकर शिव दरबार का दर्शन करें। शिव और गणेशजी की कृपा से आपके सब काम बनने लगेंगे।

 

कुंभ राशि वाले इस सप्ताह पूरी कर सकेंगे मनोकामना, बेहतर कल का सपना पूरा होगा

कुंभ राशि वालों के लिए ये सप्ताह खुशियों की सौगात लेकर आया है। 20 नवंबर से 25 नवंबर के इस समय में आपकी कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है। पहले शनि ग्रह का धनु में गोचर और अब सूर्य का वृश्चिक में जाना कुंभ राशि वालों के लिए कैरियर और काम के क्षेत्र में बड़े फैसले लेने का रास्ता खोलेगा। इस समय लिया गया निर्णय उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा।

आय का स्रोत मजबूत होगा, खुशियों से नबरेज रहेंगे

कुंभ राशि के जातकों के लिए इस सप्ताह की शुरुआत ही सफलता के साथ होगी। सोमवार और मंगलवार को ऑफिस में आपकी मेहनत और लगन की प्रशंसा होगी। हो सकता है वेतन वृद्धि का संदेश भी मिले। शुक्रवार तक सेहत अच्छी रहेगी और धनागम ठीक रहेगा। आप बचत भी कर सकेंगे और घर के लिए कोई नया सामान भी खरीद सकते हैं। परिवार में मेहमानों के आने से खुशियां रहेंगी और उत्सव सा माहौल रहेगा। गुरुवार को कामकाज से संबंधित कोई बड़ा फैसला आप ले सकते हैं। ये आगे चलकर फायदेमंद साबित होगा और आपके निर्णय की सब तारीफ करेंगे। लेकिन, शनिवार को पेट खराब होने या सेहत गिरने से आपका मन उदास रहेगा।

सुंदरकांड के पाठ से बनेंगे काम

कुंभ राशि वालों की मनोकामना इस हफ्ते शनिदेव की कृपा से पूरी होती दिख रही है। सफलता को स्थायी बनाये रखने के लिए दो काम जरूर करें। एक तो घर से निकलते समय माता-पिता या बुजुर्ग का आशीर्वाद जरूर लेकर चलें। दूसरे, प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करें। शनिवार के दिन काले कुत्ते को घर की बनी रोटी खिलाएंगे तो सेहत भी अच्छी रहेगी। बजरंगबली आपका कल्याण करेंगे।

 

काश! पॉलीथिन के खिलाफ इस अनूठी जंग को मिल जाए आप सबका साथ

उत्तर प्रदेश का शहर लखीमपुर एक शांत किंतु बड़ी क्रांति का आगाज कर चुका है। शांत इसलिए कि इस अनोखे क्रांतिवीर ने न कोई झंडा उठाया है और न डंडा। वो तो दूध लेने निकले, सब्जी लेने बाजार पहुंचे और बच्चों को स्कूल ले जाते अभिभावकों के सामने हाथ जोड़कर खड़ा रहता है। हाथ भी आपकी भलाई के लिए जोड़ता है ये क्रांतिवीर। उसका निवेदन होता है- कृपया पॉलीथिन का उपयोग बंद करिए। पर्यावरण, गोमाता के साथ खुद के भविष्य को बचाने के लिए- SAY NO TO POLYTHENE.

अकेले क्रांतिवीर के प्रयास से आ रहा बदलाव

पॉलीथिन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका है लखीमपुर के बृजेश मिश्र जी ने। बड़े सहज और शांत भाव से वे यज्ञ में लगे हैं। लेकिन, हाथ जोड़कर ‘ निवेदन की इस शांत क्रांति ‘ ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। कुछ लोग पॉलीथिन में दूध लाना छोड़ रहे हैं। कुछ लोग पुराने तरीके से झोला या थैला लेकर बाजार सब्जी लेने जाने लगे हैं। असली बात यह है कि अब जब मिश्र जी के हाथ जुड़ते हैं तो कई युवा खुद ही पॉलीथिन को ‘ ना’ का वचन देते हैं।

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बृजेश मिश्र के फेसबुक वॉल से साभार

अनोखा तरीका, सतत प्रयास है कुंजी

बृजेश मिश्र जी की मुहिम बिना शोर-शराबे और अखबारों की सुर्खियां बने चल रही है। जिस संडे को हम सब आराम का दिन मानकर देर तक सोने में व्यस्त होते हैं, उस समय मिश्रजी किसी पॉलीथिन के ढेर को हटाने में लगे होते हैं। वे अपने साथ आए एक-दो युवाओं को लेकर किसी मुहल्ले में घर-घर कुंडी खट-खटाकर या डोरवेल बजाकर पॉलीथिन के दुष्परिणामों से अवगत करा रहे होते हैं।

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बृजेशजी फेसबुकवॉल से साभार

काश, हर शहर में पैदा हों एेसे वीर

मेरा बृजेश मिश्र जी के काम पर ब्लाग लिखने का मन यूं नहीं किया। दरअसल नोएडा और दिल्ली में जब रोज पॉलीथिन के ढेर देखता हूं तो मन उद्वेलित होता है। बारिश में नदी बनती सड़क देखता हूं तो पता चलता है कि पॉलीथिन कितना बड़ा नुकसान पहुंचा रही है। एेसे में जब मिश्रजी की शांत मुहिम सामने आती है तो लगता है उम्मीद की किरण बाकी है। दूसरे शहरों के लोग भी अपने आसपास को पॉलीथिन मुक्त करने के लिए इसी तरह के छोटे-छोटे प्रयास शुरू कर सकें तो बदलाव जरूर आएगा। कोई संडे का क्रातिवीर बन जाए को शनिवार का बली। देखते-देखते पॉलीथिन के खिलाफ लोगों में जागरूकता आएगी और समाज एक नई दिशा में सोचना शुरू कर देगा। वैसे भी ये काम अपने भले के लिए तो है।