कुंभ राशि वालों की एक बड़ी इच्छा मंगलवार के दिन हो सकती है पूरी, हनुमानजी का भजन करें

मंगलवार, 17 अप्रैल का दिन कुंभ राशि वालों के लिए खुदा के किसी तोहफे की तरह है। उनकी कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है। दूसरी ओर, मीन राशि के जातक मंगलवार को विवाद से खुद को बचाकर काम पर ध्यान देंगे तो परिणाम अच्छे हो सकते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ आज जरूर करना चाहिए।

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कुंभ राशि वाले भाग्यशाली सप्ताह का लाभ उठाएं, मनोकामना पूरी करने के लिए करें मेहनत

कुंभ राशि वालों के लिए 16 अप्रैल से 21 अप्रैल तक का सप्ताह बहुत भाग्यशाली रहेगा। प्रोफेशनल क्षेत्र में जहां नाम होगा वहीं प्रमोशन या इंसेटिव आदि का तोहफा भी मिल सकता है। तीर्थयात्रा जैसे अवसर मिलेंगे। बाबा भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।

16 अप्रैल यानी सोमवती अमावस्या के दिन सफलता मिलनी शुरू हो जाएगी। मंगलवार को आप कैरियर या कारोबार को लेकर कोई बड़ा कदम उठाएंगे और ये निर्णय आगे चलकर लाभकारी सिद्ध होगा। थोड़ा आराम कीजिए नींद पूरी लीजिए। बुधवार तो सामान्य बीतेगा लेकिन बृहस्पतिवार को भगवान वासुदेव की कृपा से कोई बड़ा काम या बड़ा अनुबंध प्राप्त कर सकते हैं। कुंभ राशि वाले सोमवार को शिवलिंग का जलाभिषेक गंगाजल से करें। साथ ही अमावस्या का दान जरूरतमंदों को करें। ब्राह्मण को भोजन कराएं। ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करते रहें।

तुला राशि वाले इस सप्ताह मेहनत से पा सकेंगे कारोबार में बड़ी सफलता

तुला राशि वालों के लिए सोमवार, 16 अप्रैल से शनिवार 21 अप्रैल का सप्ताह कैरियर और कारोबार के लिहाज से ठीक रहने वाला है। सप्ताह की शुरुआत सोमवती अमावस्या से हो रही है इसलिए आपकी कोई मनोकामना भी पूरी हो सकता है।उन्नति की निरंतरता के लिए इस हफ्ते आप परिवार और कार्यस्थल के सहयोगियों से थोड़ा सामंजस्य बैठाकर चलें।

ये सप्ताह काम के दबाव से शुरू होगा। लेकिन, सूर्य के मेष राशि में आने के कारण आपका सितारा चमकता रहेगा। जैसे सोमवार के दिन आपको खुद को रेस में बनाए रखने के लिए कुछ समझौते करने पड़ सकते हैं। लेकिन, मंगलवार को हनुमत कृपा से नौकरी या कारोबार का बड़ा लक्ष्य हासिल करने में आप कामयाब हो जाएंगे। मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी पूजा कर सुंदरकांड का पाठ कर लें। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। योग और ध्यान करें।

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कुंभ राशि वालों को थोड़ा झुककर चलने से मिल सकती है कैरियर में बड़ी सफलता

कुंभ राशि वालों के लिए रविवार और सोमवार के दिन बड़ी चुनौती सामने आ सकती है। इन दिनों कारोबार को लेकर किसी से किया वादा पूरा करने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए सलाह है कि खुद को संयत रखते हुए कार्यस्थल के सहयोगियों से संबंध मधुर बनाए रखने की कोशिश करें। सफलता के लिए कभी-कभी खुद को थोड़ा झुकाकर चलने में कोई हर्ज नहीं होता है।

कुंभ राशि के जातक आज काम मनमाफिक न होने अथवा परिणाम बेहतर न मिलने से खिन्न रह सकते हैं। लेकिन, आपको बता दें कि ये रविवार सुबह तक अस्थाई फेज था। आज दोपहर कुछ समय अपने सहकर्मियों और जीवनसाथी को देंगे और कुछ समझौतावादी रुख अपनाएंगे तो मन चंगा होगा। आज लाइट मूड में रहकर वीकेंड को इंज्यवाय कीजिए। बस थोड़ा विवाद और बहसबाजी से बचे रहें और खर्च पर नियंत्रण रखें।

सूर्यदेव को अर्घ्य दें, रुद्राष्टक का पाठ करें

कुंभ राशि के जातक आज सूर्यदेव को तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें गुड़हल का फूल डालकर अर्घ्य दें। सूर्यदेव की कृपा से तनाव कम होगा। आज शिवलिंग के सामने बैठकर रुद्राष्टक का पाठ करें। कोशिस करें कि थोड़ा आंखें बंद करके शिव जी का ध्यान ‘नम: शिवाय’ जपते हुए करें। कल्याण होगा।

शनि ग्रह हो रहे वक्री, जानिए मेष और वृषभ राशि वालों को क्या बरतनी होगी सावधानी

 सिर्फ ब्रह्मांड की घटनाओं को प्रभावित करती है शनि ग्रह की वक्री चाल। सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। शनि ग्रह धनु राशि में बुधवार, 18 अप्रैल को सुबह करीब 7 बजकर 18 मिनट पर वक्री हो जाएंगे। शनि इसी चाल में 142 दिन रहकर 6 अप्रैल की शाम 4 बजकर 42 मिनट पर फिर मार्गी हो जाएंगे। इन दिनों मेष और वृषभ राशि वालों को गुस्से पर काबू रखना होगा। सरसों तेल और काले उड़द की खिचड़ी का दान करें।

मेष राशि वालों पर पड़ेगा ये प्रभाव

मेष राशि से नवम् भाव में इस समय शनि विराज रहे हैं। शनि ग्रह मेष राशि वालों के 10वें भाव का स्वामी है। इसलिए नौकरी और कारोबार में मेहनत के मुकाबले फल नहीं मिल सकेगा। ऑफिस में विरोधी सक्रिय रहेंगे और चुनौतियां पेश करेंगे। बेकार की यात्रा और संक्रमण के चलते आपको दिक्कत हो सकती है। इस दौरान धैर्य का परिचय दें। गुस्से को काबू में रखें और काले कुत्ते को रोटी शनिवार को जरूर खिलाएं।

वृषभ राशि वालों पर जानें प्रभाव

वृषभ राशि से आठवें भाव में शनि स्थित रहेगा। यानी आपकी राशि के नवम् भाव का स्वामी शनि होगा। शनि के वक्री होने पर सबसे ज्यादा असर पिता या परिवार के बड़ों सदस्यों से रिश्तों पर पड़ेगा। वृषभ राशि में शनि की ढैया भी चल रही है। इसलिए अपने और पिता की सेहत का बहुत ध्यान रखना पड़ेगा। हालांकि नौकरी में स्थितियां सुधरेंगी और अच्छे काम का इनाम भी मिल सकता है। शनिवार को गरीबों को काले तिल के लड्डू और काले उड़द की खिचड़ी दान करने से शनि के वक्री होने का नकारात्मक प्रभाव कम होगा।

चंद्र ग्रहण पर बन रहा काल सर्प योग, शिव आराधना से कम करें ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव

साल का पहला ग्रहण 31 जनवरी को है। ये पूर्ण चंद्र ग्रहण यानी खग्रास चंद्र ग्रहण है। इस बार ग्रहण के समय लगभग सारे ग्रह राहु और केतु के घेरे में रहेंगे। ये स्थिति काल सर्प दोष का निर्माण भी करती है। माघ मास की पूर्णिमा यानी 31 जनवरी को शाम 5 बजकर 57 मिनट से चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा। ये 2 घंटा 43 मिनट के कुछ बाद रात 8 बजकर 8 बजकर 41 मिनट पर खत्म होगा। इसका सूतक सुबह करीब 7 बजकर 05 मिनट पर शुरू होकर रात 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। खग्रास चंद्रग्रहण शाम करीब 6 बजकर 22 मिनट से शुरू होगा और 7 बजकर 37 मिनट पर खत्म होगा।

चंद्र ग्रहण के दौरान ग्रहों की स्थिति और प्रभाव

चंद्र ग्रहण इस बार खुद चंद्रमा की राशि कर्क में पड़ रहा है। इस दौरान कर्क में चंद्रमा के साथ राहु भी रहेगा। राहु और केतु के घेरे में सारे ग्रह होंगे। ये स्थिति काल सर्प योग का निर्माण करती है। पुष्य और अनुराधा नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए ये ग्रह स्थिति ठीक नहीं है। अष्लेशा और रेवती नक्षत्र में जन्म लेने वालों के साथ यही स्थिति रहेगी। आपको चंद्र ग्रहण के दौरान बहुत सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी।

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 पिंड दान और तर्पण से कम होता है ग्रहण का असर 

चंद्र ग्रहण के दौरान ही काल सर्प योग का निर्माण हो रहा है। इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए महा मृत्युंजय वैदिक मंत्र का जप करें। मंत्र की 11 माला जपना कल्याणकारी रहेगा। इस दिन संपुटयुक्त महा मृत्‍युंजय मंत्र की एक माला जपना ठीक रहेगा। मंत्र है…ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ …। चंद्रग्रहण के दौरान ‘ऊँ नम: शिवाय’ और ‘ऊं नमो भगवते वसुदेवाय’ मंत्र का जप भी लाभकारी रहेगा। पुरखों का तर्पण करने से भी तमाम नकारात्मक प्रभाव से मुक्ति मिल जाती है।

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कुंभ राशि वाले माता लक्ष्मी के मंत्र का 108 बार जप करें, पिता की सलाह लें

कुंभ राशि वालों को शुक्रवार, 26 जनवरी को स्नान के बाद माता लक्ष्मी के मंदिर जरूर जाना चाहिए। माता को आज गुलाब का फूल चढ़ाएं और वहीं बैठकर ‘ॐ श्रीं श्रियै नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें। कोशिश करें कि कन्या को स्टेशनरी का सामान भेंट करें। भगवान विष्णु के सहस्रनाम का एक बार पाठ जरूर करें। अनावश्यक तनाव से उबरने की कोशिश करें, नहीं तो बड़ी बीमारी का शिकार हो जाएंगे। आज सुबह नहाने के बाद मंदिर जाकर माता लक्ष्मी को लाल गुलाब भेंट करें। किस्मत बदलनी शुरू हो जाएगी।

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पिता से टकराव न बढ़ाएं, उनकी सलाह लेकर काम करें

कुंभ राशि वालों का पिता या बड़े बुजुर्ग से मतभेद चल रहा है। इसे आज खत्म करने की कोशिश करें। इससे पैतृक संपत्ति का आपको लाभ होगा और मानसिक शांति मिलेगी। गुप्त शत्रु से सावधान रहें और शाम के बाद घर से बाहर न निकलें। धन की कमी नहीं है पर चोरी से बचाने की कोशिश करें।

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