जानिए सोमवार को क्या कहता है आपकी किस्मत का सितारा, जानें सभी 12 राशियों का राशिफल

मेष (ला, ली, लू, ले ,लो , चे, चो, अ, कू)

दिन का हाल:  आज आपको दिनभर शारीरिक एवं मानसिक सुख की प्राप्ति होगी। महत्वपूर्ण कार्य शीघ्र ही संपन्न होंगे। पारिवारिक कार्यों में जीवन साथी एवं संतति का योगदान पूर्ण रहेगा। शारीरिक स्वास्थ्य सांयकाल से थोड़ा नरम हो सकता है।

वृष (वा, वी, वि, वू, वे ,वो ,ई ,उ, ए, ओ)

सप्ताह का हाल : इस सप्ताह आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बन रहे हैं। इसके साथ ही कार्यक्षेत्र में भी आपकी प्रगति होगी। निवेश को लेकर मन थोड़ा चिंतित रहेगा। लेकिन सप्ताह के अंत तक आप निवेश को लेकर फैसला ले लेंगे।

मिथुन (का, की, कु, के, को, हा, घ, छ)
दिन का हाल : आज के दिन आप महत्वपूर्ण कार्यों को स्थगित ही रखें। कुछ गलत प्रकार के निर्णयों से शेष कार्य बिगड़ भी सकता है, जिससे अपयश भी प्राप्त हो सकता है, पूरी सावधानी रखें। ज़िम्मेदारी वाला कार्य उचित प्रकार से करें अन्यथा मानहानि होगी

कर्क (डा, डी, डू, डे, डो, हे, हो, हू, ही)
दिन का हाल : आज का दिन आपको आपके विचार से भिन्न परिणाम दे सकता है। आर्थिक स्थिति नाज़ुक है ऐसी अनुभति होगी। किसी भी शुभ कार्य को आज प्रारम्भ न करें। पारिवारिक परिस्थिति भी आपको अशान्ति दे सकती है। प्रवास को रोक दें।

सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टि, टू, टै)
दिन का हाल : आज आप नए वस्त्राभूषण की खरीदी कर सकते हैं, मित्रों व स्नेहीजनों से भेंट भी प्राप्त हो सकती है। दैनिक व्यवसाय में पराक्रम एवं पुरुषार्थ का महत्व अच्छी तरह से देख पाएंगे। मित्रों और भाईयों से सहयोग मिलने से लाभ होगा।

कन्या ( पा, पि, पू, पे, पो, ष, म्, ठ, टो)
दिन का हाल: आज के दिन हो सकता आपकी आर्थिक गिनती उलटी पड़े। परिश्रम व पूरा ज़ोर लगाने पर भी विघ्न व रुकावटें आज आपको हैरान करेंगी। आज मन में एक प्रकार की अस्थिरता रहेगी। मेहनत करने पर भी कार्य योजनानुसार नहीं हो पाएगा।

तुला (रे, रो, रा, री, ता, ती, तू, ते)
दिन का हाल : आज आप दिनभर खुशहाल रहेंगे, अन्न, धन, वस्त्रादि मिलने के योग है। स्वाभाव में विवेकशीलता, गौरव तथा विनम्रता रहेगी। भाग्य आपकी दिनचर्या को सहयोग करेगा, जिससे अच्छे कार्य कर पाएंगे। मन प्रफुल्लित रहेगा।

वृश्चिक (ना, नी, नू, ने, नो, तो, या, यी, यू)
दिन का हाल : आज के दिन आप हो सके उतनी मानसिक शान्ति बनाए रखें। धन का व्यय भी आपके हिसाब से शायद अधिक ही होगा। पराधीनता के अनुभव के साथ अपने स्वतन्त्र अस्तित्व को भी ठेस लग सकती है। अपने स्वास्थ्य को आज संभालें।

धनु (ये, यो, भा, भी, भू, भे, ध, फ, ढ)
दिन का हाल : आज का दिन आपके लिए उम्मीद से ज्यादा ही शुभफलदायक व्यतीत होगा। शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, पुराने रोगों में भी अपेक्षित सुधार आएगा। आप अपनी बुद्धि का आज सदुपयोग करेंगे व परामर्श शक्ति में भी वृद्धि पाएंगे।

मकर (भे, जा, जी, जू, जे, जो, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
दिन का हाल : आज आप अपने दैनिक कार्यक्षेत्र तथा व्यापार को आगे ले जाने के लिए कटिबद्ध रहेंगे। पारिवारिक मुश्किलों में सुविधाजनक रास्ता निकलेगा। आपको अपने शुभ अधिकारों की प्राप्ति के साथ इच्छित कार्यों में सफलता एवं यश की प्राप्ति भी होगी।

कुम्भ (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दिन का हाल : आज आप अपने पुरे दिन की एक दिनचर्या बना लें की आर्थिक स्थिति को कैसे बनाए रखना है। आर्थिक संकट या व्यवसाय में हानि से नुकसान न उठाना पड़े इस बात का भी ख्याल रखें। अनावश्यक झगड़ों को टालें।

मीन (दी, दू, थ, झ, दे, दो, चा, ची )
दिन का हाल : आज आप तोल-मोल के बोल; युक्ति को सार्थक करें तो अधिक अच्छा है। अनावश्यक स्वास्थ्यहीनता का भी आज सामान करना पड़ सकता है। छोटे-मोटे प्रवास की स्थिति से आज परहेज ही करें। कैसी भी परिस्थिति में चिन्ता, भय और दुख का मुकाबला करें।

Advertisements

आज का पंचांग, जानें राहुकाल और शुभ महुर्त

सूर्योदय और सूर्यास्त : 05:28 – 19:18  (नई दिल्ली के लिए)

महीना और पक्ष : 07 आषाढ़ और कृष्ण पक्ष
शक संवत् : 1941, हेमालम्बी
विक्रम संवत् : 2076 साधारण
त्योहार और व्रत : आषाढ़ सप्तमी

तिथि* सप्तमी (25 जून 02:13 AM तक, फिर अष्टमी)
नक्षत्र* पूर्व भाद्रपद (25 जून 03:03 AM तक, फिर उत्तर भाद्रपद)
योग* आयुष्मान (10:48 PM तक, फिर सौभाग्य)
करण* विष्टि (01:04 PM तक, फिर बव 25 जून, 02:13 AM तक, फिर बलव)
राहुकाल*  07:12 AM से 08:56 AM
यमगंड* 10:40 AM से 12:23 PM
वर्ज्यम * 07:19 AM से 09:07 AM
गुलिका* 02:07 PM से 03:51 PM

अमृत काल* 06:05 PM से 07:52 PM

विजय मुहूर्त* -02:42 PM से 03:37 PM

अभिजीत मुहूर्त* – 11:56 AM से 12:51 PM

सिर्फ अपने और परिवार के लिए लड़ने वाले नेताओं को जनता का तमाचा है मोदी की जीत

कलम गुरु

एनडीए, भाजपा और नरेंद्र मोदी। लोकसभा के चुनाव में इनकी ऐतिहासिक जीत हो गई है। मोदी के नेतृत्व में भाजपा अकेले सरकार बनाने की स्थिति में आ गई है। जनता ने बहुमत की सरकार और मोदी सरकार के लए अपना भरपूर समर्थन दे दिया है। ये देश में जनता के नये मूड का परिचायक है।

दूसरी तरफ, ये परिणाम चंद्रबाबू नायडू, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी और देवगोड़ा जैसे रीजनल दिग्गज के लिए करारा तमाचा भी है जो अपने प्रदेश में जनता को तमाशे की भीड़ से ज्यादा कुछ नहीं समझते हैं। जो अपने अपराधों की सजा को ऐसे पेश करते हैं जैसे ये क्राइम अपनी जनता की भलाई के लिए किया हो। अपने परिवाार की लड़ाई को ऐसे पेश करते हैं जैसे प्रदेश के सामने सबसे बड़ी समस्या उनके परिवार की लड़ाई है।

चुनाव से ठीक पहले वे विपरीत विचारों वाले दलों से गठबंधन करते हैं। दिखाते हैं जैसे पिछले पांच साल की उनकी यही एक मेहनत है और यही बड़ा काम है। आय से ज्यादा संपत्ति की जांच हो तो ऐसे चिल्लाते हैं जैसे ये पैसा उन्होंने आपके लिए कमाया हो। पांच साल न कोई बड़ा आंदोलन और न किसी जनता के मुद्दे से सरोकार। चुनाव में भाषण बस जाति-धर्म तक सीमित और गणित उसी के इर्द-गिर्द पर आकर रुक जाती है।

नतीजा, जनता ने स्वाभिमान में अपना सिर उठाया तो आपको न मोदी को सामने खड़ा पाया और न अपने साथ। नजीता उसने देश के स्वामिमान और देश के गौरव को प्रमुखता दी। उस पर भरोसा किया जिसने पांच साल में देशवासियों को न झुकने दिया और न भयभीत किया। साथ ही, उन सभी रीजनल दलों और उनके नेताओं को वोट से तमाचा मारा जिन्होंने लोकतंत्र का मतलब परिवार बना दिया है और राजनीति का मतलब अपने परिवार में सांसदों-विधायकों की फौज खडा करना। देश की जनता अब आपके हर दिन, हर पल का हिसाब मांग रही है और उसी के आधार पर वोट दे रही है।

घर में सियासत के चलते बिहार की राजनीति में कमजोर न पड़ जाए लालू का परिवार!

कलम गुरु

परिवार में सियासत आ जाए तो हाल लालू यादव के घर जैसा होता है। भाई-भाई का नहीं रहता और दोस्त-दोस्त का नहीं। माता और बेटे एक-दूसरे से दूर होने लगते हैं और मलाई खाने वाले बिचौलिए बयानवीर बन जाते हैं।

मेरा ये लिखने के पीछे का कारण भी है और आधार भी। दरअसल, चुनावी बिसात बिछाने में जुटे परिवार की लड़ाई रोज नए किस्से लेकर सामने आती है। कहने वाले तो कह रहे हैं कि बिहार की सिसासत के चाणक्य राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव अपने बागी तेवर के कारण पार्टी के लिए मुश्किलें कड़ी करते नजर आ रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि पार्टी भी लहता है उनसे किनारा करती जा रही रही है। दरअसल पार्टी में विरोध का कारण है तेज प्रतोप के द्वारा सारण संसदीय सीट पर पार्टी प्रत्याशी एवं अपने ससुर चंद्रिका राय को बहुरूपिया बता कर लोगों से उन्हें वोट न देने की अपील करना। इसी के पाद पार्टी का एक धड़ा खुलकर तेजप्रताप के विरोध में आ गया है।

दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव अपनी ही पार्टी के लोगों पर संगीन आरोप लगाने से बाज नही आ रहे हैं। चर्चा है कि तेज प्रताप को रविवार को चुनाव प्रचार के लिए अपने भाई तेजस्वी के साथ गोपालगंज जाना था। साजिश के तह उनको जाने से रोक दिया गया। तेज प्रताप का मानना है कि पारेटी के किछ लोग चाहते हैं कि वे तेजस्वी के साथ मैं चुनाव प्रचार न कर पाएं। उधर राजद के मुख्य प्रवक्ता और कई विधायक ने तेज प्रताप यादव की खुलकर अनदेखी शुरू कर दी है।

मुद्दा चाहे तेज प्रताप की जिद का हो या तेजस्वी की होशयारी का, लालू प्रसाद यादव के कुनबे में विघटन तो हो गया है। परिवार अब परिवार नहीं रहा, वहां सियासत ने अपना काम दिखा दिया है। प्रदेश के लोगों को जिस परिवार से बड़ी उम्मीदें थीं, वो परिवार अब अपने लिए भी आस छोड़ रहा है। लगता है अब परिवार को किसी तारणहार की जरूरत है। पता नहीं कौन इस परिवार की कड़ियों को फिर गूंथ पाएगा। लेकिन, तब तक लगा-बुझाई करने वाले नेता लोग बिहार के इस सबसे बड़े सियासी परिवार को नुकसान पहुंचा चुके होंगे।

Chaitra Navratri 2019 Day 7: Worship Goddess Kaalratri For Destroying Ignorance And Removing Darkness

On the seventh day of Chaitra Navratri, Goddess Kaalratri who is also known as Kali, Mahakali, and Shubhamkari is worshipped. This year, Kaalratri Puja will be observed on April 12, Friday. Maa Durga and Maa Saraswati are worshipped with the Utsava Puja. This avatar of the goddess is seen riding a black donkey, she carries sword and iron hook in her left hands while her right hands are in the Abhaya and Varada mudra.

Goddess Kalaratri is considered to be the most ferocious avatar of NavDurga and is known for destroying ignorance and removing darkness from the universe. On Chaitra Navaratri 2019, Maa Kalaratri puja falls on Friday, April 12. Saptami was the day when the Goddess commenced the war with the buffalo demon Mahisasura and killed him on 10th, that is on Vijaya dashami.

On the seventh day of Maha Saptami, states like Kerala, Maa Durga is worshipped in the form of Maa Saraswati. Books and music instrument are kept before the goddess for knowledge and insight. Banana, pomegranate, turmeric, Jayanti, Ashoka, bel, arum plant, and colocasia were used to worship nine planets in which devotees take bath at pre-dawn. Another ritual that is observed on Mahasaptami is where a pot of holy water with a bunch of mango leaves and coconut is placed in front of Goddess.In the form of Maha Snan, a mirror with the reflection of Goddess Durga are placed and ritual of bathing to it.

Legends of Maa Kalaratri

Dasta Shumbha-Nishumbha and Raktabeej had made a stroke in all the three states. Worried by this, all the goddesses went to Shiva ji. Shiva asked the goddess Parvati to kill the demons and protect their devotees. Considering Shiva Ji, Parvati ji assumed the form of Durga and killed Shumbha-Nishumbha. But as soon as Durga killed the bloodbath, the blood released from her body produced millions of raktabeej. Seeing this, Durga ji made Kalaratri from its fast. After this, when Durga killed the raktabeej, Kalaratri filled his blood in his face and slaughtered his bloodbase after cutting his throat.

Mantras For Kalratri Puja:

Om Devi Kalaratryai Namah॥

Ekaveni Japakarnapura Nagna Kharasthita,
Lamboshthi Karnikakarni Tailabhyakta Sharirini.

Vamapadollasalloha Latakantakabhushana,
Vardhana Murdhadhwaja Krishna Kalaratrirbhayankari.

Ya Devi Sarvabhuteshu Ma Kalaratri Rupena Samsthita,
Namastasyai Namastasyai Namastasyai Namo Namah.

 

 

 

Chaitra Amavasya 2019: A Night Of Review Which Can Remove Sufferings

The Amavasya or no moon day, observed in month of Chaitra in the traditional Hindu calendar is distinguished as Chaitra Amavasya. Since this is the first Amavasya of the year, it is considered very important for making important decisions in life and for spiritual activities. This falls in the month of March–April. This year Chaitra Amavasya will be celebrated on April 5, Friday. This is auspicious Amavasya can help to remove sufferings and sadness.

Chaitra Amavasya vrat is highly popular among the Hindus and the presiding deity to be worshipped on this day is Lord Vishnu. The Amavasya Vrat starts in the morning of the Amavasya Thiti and lasts till the moon is sighted on the Pratipada day (first day of the waxing phase of moon). The day is marked by a ceremonial worship offered to Lord Vishnu at homes.

The special event on this day is offering food to crows and the poor, which is said to reach the ancestors and win their blessings. The Garuda Purana says that the ancestors visit their descendants on Amavasya days and if they offer food to them on these days, they become happy and bless them with happiness, peace and prosperity.

Chaitra Amavasya is highly recommended for a holy dip in the Ganges or at the dedicated Kumbh Mela destinations including Hardwar, Prayagraj, Nashik and Ujjain. Holy dip done on this day is said to remove the sins of the individuals besides winning the blessings of the gods for a life of prosperity and happiness. Especially those who are sufferings from mental afflictions and grief can take a holy dip on the day of Chaitra Amavasya and perform Shiva puja to attain peace and clarity of perception.

Chaitra Amavasya is the first Amavasya of the year is highly auspicious and is performed to do the Shradh ceremonies of the deceased soul which helps one to escape sins, pitru dosh and several problems in life.

Saturn Remedies: Reduce Shani Bad Effects By Chanting Sani Beej Mantra

People have been chanting Shani Mantras to please him and escape his wrath. They are recited to get over the ill–effects of Dev. Reciting of Mantras such as Shani Beej Mantra, his Gayatri and Vedic Mantra can reduce his bad effects and can help you get over his testing times. They can also be chanted daily as a jaap during your Mahadasha and Antardasha period.

‘Om Pram Preem Proum sah Shanayischaraya Namah’

This is the beej Mantra and can be chanted daily for paying approbation to the Lord. Try reciting the Shani Mantra 108 times daily. This SHANI Beej Mantra should be recited 23000 times When SHANI Mahadasha and antardasha is going on. If one is passing through trouble related through SHANI then also this mantra can be done with faith and devotion.

The SHANI BEEJ MANTRA provide Protection and wealth. Its frequency corresponds to the energy of Lord. It helps to get over our stress and obstacles in life. The mantra also removes the malefic effects of SHANI. This Mantra brings wisdom, patience and a sense of justice.

SHANI MANTRA removes The darkness in the life of an individual is also being removed by fulfilling all the desires and needs. SHANI MANTRA provides The prosperity and happiness comes again in the life so that the human can live without any tension.

SHANI MANTRA Provides the immense benefit in the life of an individual by eradicating all the wealth and health problems. All the evil spirits in the life of an individual are being removed by chating SHANI MANTRA. It is also chanted while wearing a Blue Sapphire (Neelam) gemstone. Chanting should be done after sunset with a block Onyx mala facing West direction.

People should avoid all the tamsik (non-veg) foods during this day and should absolutely abstain from alcohol and bad influences. We should wear black clothes and use black til, mustard oil and lajwanti flowers as offerings to Deva. It gives more powerful results when chanted on Saturdays during the Shukla Paksha of Pushya, Anuradha & Uttra Bhadrapada nakshatra. (By Astro Mishra)